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ऋषिकेश। ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के समीप एक होटल में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत होटल के मैनेजर और संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी घटना के सामने आने के करीब 24 घंटे के भीतर की गई। जांच के दौरान होटल प्रबंधन की भूमिका भी सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की है।
पुलिस ने संबंधित होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भी भेज दी है।
29 अगस्त को होटल ले जाने का आरोप
देहरादून एसपी देहात जया बलूनी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 30 अगस्त 2026 को कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि 29 अगस्त को मुजफ्फरनगर निवासी 21 वर्षीय सोफियान नाम का युवक उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ पुराने रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल गंगा इन में ले गया।आरोप है कि होटल में युवक ने नाबालिग के साथ मारपीट की और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद नाबालिग की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
POCSO समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा
कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 431/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने शुरुआत में धारा 137(2), 65, 115(2), 123 बीएनएस तथा धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल पुलिस टीम गठित की गई।
हरिद्वार में फ्लाईओवर के नीचे से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी सोफियान की तलाश में पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। इसी दौरान 31 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को हरिद्वार क्षेत्र में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की जांच के दौरान घटना से संबंधित पीड़िता के फोटो और वीडियो भी मिले हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।
जांच में होटल प्रबंधन की भूमिका भी सामने आई
मुख्य आरोपी से पूछताछ और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को होटल में नाबालिग को प्रवेश दिए जाने से संबंधित गंभीर तथ्य सामने आए।पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान नाबालिग को होटल में उचित पहचान एवं सत्यापन के बिना तथा आवश्यक रजिस्टर प्रविष्टि किए बगैर प्रवेश दिया गया था। इतना ही नहीं, पुलिस का कहना है कि होटल प्रबंधन को घटना की जानकारी होने के बावजूद इसकी सूचना पुलिस अथवा संबंधित सहायता एजेंसी को नहीं दी गई।
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि नाबालिग को होटल से बाहर ले जाने के दौरान होटल के CCTV कैमरों को बंद किए जाने की बात भी सामने आई।इन तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस ने होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और होटल संचालक राहुल अग्रवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
पूछताछ के बाद मैनेजर और संचालक भी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पूछताछ और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों की घटना में संलिप्तता पाए जाने पर होटल मैनेजर और संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में अब धारा 5/6/15/16/19/21 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 61(2)/238 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
इस तरह मामले में पुलिस ने अब तक कुल तीन आरोपियों—मुख्य आरोपी, होटल मैनेजर और होटल संचालक—को गिरफ्तार किया है।
होटल का लाइसेंस निरस्त कराने की तैयारी
पुलिस ने मामले में होटल प्रबंधन की भूमिका सामने आने के बाद संबंधित होटल के लाइसेंस को निरस्त कराने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजी गई है।अब प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर होटल के लाइसेंस को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
सोफियान पुत्र तुफैल अहमद, निवासी ग्राम गढ़ी, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र 21 वर्ष।
वैभव गुप्ता पुत्र देवेंद्र गुप्ता, निवासी मार्ग नंबर-02, देहरादून रोड, ऋषिकेश, उम्र 34 वर्ष।
राहुल अग्रवाल पुत्र विनोद अग्रवाल, निवासी अद्वैतानंद मार्ग, ऋषिकेश, उम्र 36 वर्ष।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, उपनिरीक्षक विकसित पंवार, राजकुमार, निखलेश बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक ज्योति शर्मा, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, कांस्टेबल तेज सिंह, अभिषेक और हिमांशु शामिल रहे।







