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ऋषिकेश। रायवाला क्षेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला खजानी देवी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश मृतका की बेटी शिल्पा थापा ने अपने प्रेमी शिवनारायण पांडे उर्फ सोनू के साथ मिलकर रची थी। पुश्तैनी जमीन में हिस्सा न मिलने और जमीन बेचे जाने को लेकर चल रहे विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया है। पुलिस ने मामले में मृतका की बेटी समेत उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर रायवाला निवासी खजानी देवी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। उनके मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। उसी रात करीब साढ़े 10 बजे उनके बेटे संजय पुंडीर ने ताला तोड़कर घर के अंदर देखा तो उनकी मां बाथरूम में मृत पड़ी थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद रायवाला पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर पुलिस की छह अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एफएसएल और फील्ड यूनिट की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को मृतका और उनकी बेटी शिल्पा थापा के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद की जानकारी मिली। इसी बीच शिल्पा के परिचित शिवनारायण पांडे के घटना से पहले मृतका के घर के आसपास देखे जाने की बात भी सामने आई। पुलिस को यह भी पता चला कि घटना के बाद से शिवनारायण का मोबाइल फोन बंद था।
इसके बाद पुलिस टीमों ने रायवाला, हरिद्वार और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक करीब 500 होटल और धर्मशालाओं के साथ बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इस दौरान करीब 700 कैमरों की फुटेज की जांच की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को शिवनारायण के हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने 25 सितंबर को उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में शिवनारायण ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात शिल्पा से मार्च 2026 में हरिद्वार के भूपतवाला स्थित एक होटल में हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में प्रेम संबंध बन गए। शिल्पा ने उसे बताया था कि उसकी मां के नाम रानीपोखरी क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन है, जिसे उसकी मां और भाई बेच रहे हैं। उसका आरोप था कि उसे जमीन या उससे मिलने वाली रकम में हिस्सा नहीं दिया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, शिल्पा ने शिवनारायण को यह भी बताया था कि खजानी देवी उसकी सौतेली मां हैं। जांच में यह बात झूठी पाई गई। शिल्पा ने कथित तौर पर शिवनारायण को यह लालच भी दिया कि मां की मौत के बाद उसके हिस्से में आने वाली जमीन को बेचकर दोनों कहीं और अपनी गृहस्थी बसा सकते हैं।
पूछताछ में शिवनारायण ने पुलिस को यह भी बताया कि वह आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा था। लॉकडाउन से पहले रुड़की के ढंढेरा फाटक क्षेत्र में उसकी बैटरी रिक्शा एजेंसी थी, लेकिन कारोबार में नुकसान के बाद उस पर भारी कर्ज हो गया। पुलिस के मुताबिक उस पर करीब 10 लाख रुपये की देनदारी अभी भी थी। इसी दौरान शिल्पा के भाई से भी उसके द्वारा पैसे उधार लिए जाने की बात सामने आई।
पुलिस के मुताबिक खजानी देवी को दोनों के संबंधों की जानकारी थी और वह उनके रिश्ते से नाराज थीं। इसको लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। घटना से दो दिन पहले 19 सितंबर को भी शिवनारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने उनके घर पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद शिल्पा ने शिवनारायण को अपनी मां की हत्या के लिए तैयार किया। उसने कथित तौर पर उसे बताया कि खजानी देवी सुबह घर से निकलने के बाद दोपहर तक घर पर अकेली रहती हैं और इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत 21 सितंबर को शिवनारायण खजानी देवी के घर पहुंचा। मौका पाकर उसने कथित रूप से उनका गला दबाकर हत्या कर दी और इसके बाद मकान पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। घटना के बाद उसने शिल्पा को हत्या की जानकारी दी और उसके कहने पर हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में जाकर छिप गया।
शिवनारायण की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले में उसकी कथित सहयोगी शिल्पा थापा को भी 26 सितंबर को शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से आगे की पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवनारायण पांडे उर्फ सोनू (39), निवासी भगवानपुर, हरिद्वार और शिल्पा थापा (36), निवासी शहीद भगत सिंह कॉलोनी, मोतीचूर, रायवाला शामिल हैं। पुलिस के अनुसार शिवनारायण के खिलाफ पूर्व में दिल्ली के हौज खास थाने में मामला तथा एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित वाद भी दर्ज है।
पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने के लिए रायवाला पुलिस और एसओजी ऋषिकेश की टीम द्वारा की गई जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद को महत्वपूर्ण बताया है।
