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ऋषिकेश। ऋषिकेश के लक्कड़घाट क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में करंट की चपेट में आने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। बताया गया कि शिव मंदिर वाली गली, लक्कड़घाट, विवेका एकेडमी के नजदीक बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिरा हुआ था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही महिला और उसकी गोद में मौजूद बच्ची करंट की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौत हो गई।
घर लौटते समय हुआ हादसा
पुलिस में दर्ज FIR में मृतका के पति हरपाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ठूमा देवी और उनकी बेटी सृष्टि 16 अगस्त को अपनी छोटी बहन रीना देवी के यहां से अपने घर लौट रही थीं। दोनों मोटा प्लाट, लक्कड़घाट क्षेत्र से होते हुए घर आ रही थीं। इसी दौरान शिव मंदिर वाली गली में विवेका एकेडमी के पास सड़क पर बिजली का तार टूटा पड़ा था। तार में करंट प्रवाहित हो रहा था।
तहरीर के मुताबिक, ठूमा देवी की गोद में उनकी बेटी सृष्टि थी। सड़क पर गिरे करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से मां और बेटी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया।
पति ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
हादसे के बाद मृतका के पति हरपाल सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर घटना के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग के जेई, एसडीओ और अभियंता की है तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत FIR दर्ज की है। FIR में विद्युत विभाग ऋषिकेश के जेई, एसडीओ और अभियंता को आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया है।
सुमित चौधरी को सौंपी गई जांच
मामले की जांच उपनिरीक्षक सुमित चौधरी को सौंपी गई है।अब पुलिस जांच में यह सामने आना बाकी है कि बिजली का तार किन परिस्थितियों में टूटा, उसमें करंट क्यों प्रवाहित हो रहा था और हादसे से पहले विद्युत विभाग को इसकी जानकारी थी या नहीं। हालांकि, इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।




