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हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने जाली नोट छापकर बाजार में खपाने की साजिश रच रहे एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने जीजा-साला और उनके एक दोस्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
हरिद्वार SP क्राइम निशा यादव के अनुसार, यह कार्रवाई दो दिन पहले बरामद हुए 52,500 रुपये के जाली नोटों की जांच के दौरान मिली अहम जानकारियों के आधार पर की गई। जांच के बाद पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर कार सवार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आपस में जीजा-साला और उनका एक दोस्त हैं। तीनों मिलकर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हाई क्वालिटी प्रिंटर की मदद से असली नोटों की डिजाइन तैयार कर जाली नोट छापते थे। इसके बाद इन नकली नोटों को बाजार में चलाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे हुए जाली नोट, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, विशेष कागज और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह अब तक कितने जाली नोट तैयार कर चुका है, उन्हें कहां-कहां खपाया गया और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि समय रहते इस गिरोह का पर्दाफाश कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।



