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ऋषिकेश11 जून 2026। उत्तराखंड पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार के सीतामढ़ी जिले में लूट और हत्या के मामले में वांछित तथा ₹25 हजार के इनामी अपराधी मोहम्मद नसीम अख्तर को ऋषिकेश पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से एक अवैध 12 बोर का देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, पहचान पत्र और नकदी बरामद की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार बिहार पुलिस ने ऋषिकेश पुलिस को सूचना दी थी कि सीतामढ़ी का वांछित इनामी अपराधी मोहम्मद नसीम अख्तर अपने भाई वसीम की पैरवी और सहायता के लिए ऋषिकेश पहुंचा है। वसीम कुछ समय पूर्व ऋषिकेश में हुई फायरिंग की एक घटना में गिरफ्तार किया गया था।
बिहार पुलिस की सूचना पर शुरू हुआ अभियान
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल ऋषिकेश पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित कर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। इसके बाद पूरे ऋषिकेश क्षेत्र में सघन चेकिंग और तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस को मुखबिर और सर्विलांस के माध्यम से सूचना मिली कि आरोपी नटराज फ्लाईओवर, हरिद्वार रोड क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को नटराज फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध 12 बोर का देशी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद उसके खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25(1-B)(a) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
लूट के दौरान की थी हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने भाई वसीम और अन्य साथियों के साथ मिलकर बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक व्यक्ति से लूटपाट की थी। घटना के दौरान पीड़ित को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में बिहार पुलिस लंबे समय से आरोपी और उसके साथियों की तलाश कर रही थी।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी का भाई वसीम अपने कुछ साथियों के साथ पुलिस से बचने के लिए ऋषिकेश स्थित अपने ससुराल आ गया था। हालांकि बाद में ऋषिकेश में हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था।
भाई से मिलने आया था ऋषिकेश
पूछताछ में नसीम अख्तर ने बताया कि वह बिहार पुलिस की गिरफ्त से बचने और अपने भाई से मिलने के उद्देश्य से ऋषिकेश आया था। उसे पुलिस की गतिविधियों की भनक लग गई थी और वह ट्रेन के जरिए फरार होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि बरामद अवैध तमंचा वह बिहार से गोरखपुर होते हुए अपने साथ लेकर आया था।
आरोपी का परिचय
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नसीम अख्तर (25 वर्ष) पुत्र महफूज आलम निवासी वार्ड संख्या-06, ग्राम टोला इस्लामपुर, पोस्ट मोहनी सकरोली, थाना नानपुर, जिला सीतामढ़ी (बिहार) के रूप में हुई है।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है—
एक अवैध 12 बोर का देशी तमंचा
दो जिंदा कारतूस
एक सैमसंग मोबाइल फोन
पैन कार्ड और आधार कार्ड
₹1,200 नकद
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में कोतवाली ऋषिकेश और एसओजी देहात की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान में प्रभारी निरीक्षक कैलाश भट्ट, एसओजी प्रभारी खुशीराम पांडे, उपनिरीक्षक विकसित पंवार, उपनिरीक्षक सुमित चौधरी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
देहरादून पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत प्रदेश में सक्रिय अपराधियों और अन्य राज्यों से फरार होकर उत्तराखंड में शरण लेने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



