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ऋषिकेश। पौड़ी जिले के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा भोगपुर तल्ला स्थित पनाम्बी रिजॉर्ट एंड स्पा के संचालक नीरज गुप्ता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। लापता होने से पहले रिजॉर्ट में पांच पन्नों का एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। वहीं, गंगा तट पर उनके जूते मिलने के बाद उनके गंगा में कूदने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए लगाया गया है।
मामले में नीरज गुप्ता की पत्नी विनीता गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने रवि बजाज, गगन बत्रा और अन्य के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना तथा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जमीन और पैसों के लेनदेन को लेकर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी विनीता गुप्ता ने कोतवाली लक्ष्मणझूला में दी गई लिखित शिकायत में बताया कि उनके पति नीरज गुप्ता गंगा भोगपुर तल्ला में पनाम्बी रिजॉर्ट संचालित करते थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेनदेन को लेकर रवि बजाज और गगन बत्रा उनके पति को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
विनीता गुप्ता का आरोप है कि लगातार बढ़ते दबाव और कथित प्रताड़ना के चलते उनके पति ने पांच पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी ने बताया कि मामले की गहनता से विवेचना शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट और अन्य संबंधित साक्ष्यों को कब्जे में लेकर उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गंगा किनारे मिले जूते, एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन
उधर, आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद नीरज गुप्ता के गंगा में कूदने की आशंका जताई जा रही है। गंगा तट पर उनके जूते मिलने की बात भी सामने आई है। इसके बाद उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।
फिलहाल नीरज गुप्ता का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उनकी गुमशुदगी से जुड़े घटनाक्रम, सुसाइड नोट में लिखी बातों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




