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ऋषिकेश। वीरभद्र ब्लॉक क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों की शिकायतों के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। विभागीय टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और वन भूमि की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही भूमि की वास्तविक स्थिति और क्षेत्रफल का पता लगाने के लिए सर्वे का कार्य भी शुरू किया गया है।
डीएफओ वैभव कुमार के अनुसार, वीरभद्र ब्लॉक क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जे और अन्य गतिविधियों को लेकर अलग-अलग माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए। टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और उपलब्ध भूमि संबंधी रिकॉर्ड तथा मौके की स्थिति का मिलान करने की प्रक्रिया शुरू की।
वन भूमि की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान वन क्षेत्राधिकारी और स्थानीय वन कर्मचारियों को वन भूमि की निगरानी बढ़ाने तथा किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा अथवा बिना अनुमति निर्माण पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी स्थान पर वन भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो भारतीय वन अधिनियम समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लीज पर दी गई भूमि की भी होगी जांच
वन विभाग के अनुसार वीरभद्र क्षेत्र में अलग-अलग समय पर विभिन्न संस्थाओं को भूमि लीज पर दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं कुछ भूमि अभी भी विभाग के प्रत्यक्ष कब्जे में है। ऐसे में विभाग अब यह भी पता लगा रहा है कि मौके पर किस क्षेत्र में किसके पास कितनी भूमि है और उसका वर्तमान उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।इसके लिए सर्वे टीम को क्षेत्र में लगाया गया है। टीम भूमि की पैमाइश करने के साथ-साथ उपलब्ध अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान करेगी। सर्वे के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं वन भूमि की सीमा में अतिक्रमण तो नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
वन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सर्वे और स्थलीय निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। सर्वे टीम की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट में यदि वन भूमि पर अवैध कब्जा या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने संकेत दिया है कि वन भूमि की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान मौके पर उप प्रभागीय वनाधिकारी (S.D.O. ऋषिकेश) – डॉ० उदय नन्द गौड,वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश गम्भीर सिंह धमान्दा, डिप्टी उप वन क्षेत्राधिकारी गजेन्द्र सिंह, सर्वेयर जितेश सैनी,वन दरोगा राजेश प्रकाश बहुगुणा,अवतार सिंह रावत,महेन्द्र सिंह,वन बीट अधिकारी सुनील स्नेही,सलमान,ज्योति, कमल राजपूत और पी आर.डी. जवान भी मौजूद रहे.




