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ऋषिकेश। न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (जू.डि.) ऋषिकेश तान्या मिड्ढा की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में अभियुक्ता सीमा यादव को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्ता को परिवादी के पक्ष में ₹4,30,410 रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं। प्रतिकर की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्ता को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। निर्णय के बाद अदालत ने अभियुक्ता का सजायाबी वारंट भी जारी कर दिया।
मामले के अनुसार ऋषिकेश निवासी गौरव शर्मा ने अधिवक्ताओं के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। आरोप था कि अभियुक्ता सीमा यादव ने देनदारी चुकाने के लिए ₹3 लाख का चेक उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक, लक्ष्मण झूला रोड शाखा का जारी किया था। परिवादी द्वारा चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर 8 दिसंबर 2021 को अपर्याप्त धनराशि (Funds Insufficient) के कारण चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद परिवादी की ओर से अभियुक्ता को विधिक नोटिस भेजकर चेक की राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार पाण्डेय एवं अधिवक्ता कुलदीप रावत ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष ने मूल चेक, बैंक का अनादरण मेमो, विधिक नोटिस, डाक रसीद, ट्रैक रिपोर्ट और बैंक स्टेटमेंट सहित आवश्यक दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए।
बचाव पक्ष की ओर से चेक को सुरक्षा के तौर पर दिए जाने सहित कई तर्क रखे गए। वहीं चेक पर हस्ताक्षर को लेकर भी सवाल उठाया गया। परिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह के दौरान अभियुक्ता के पूर्व बयानों में चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने सहित अन्य तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा। साथ ही बचाव पक्ष द्वारा अपने दावों के समर्थन में ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया।अधिवक्ताओं ने एनआई एक्ट की धारा 118(ए) और 139 के तहत परिवादी के पक्ष में बनने वाली वैधानिक उपधारणा तथा सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला देते हुए अपने तर्क रखे।
दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि परिवादी अपने मामले को सिद्ध करने में सफल रहा, जबकि अभियुक्ता अपने बचाव को ठोस साक्ष्य से साबित नहीं कर सकी। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के आर. विजयन बनाम बेबी मामले में दिए गए सिद्धांत के आधार पर मूल चेक राशि पर ब्याज जोड़ते हुए ₹4,30,410 रुपये प्रतिकर निर्धारित किया।
अदालत ने अभियुक्ता सीमा यादव को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्ता द्वारा प्रतिकर राशि अदा नहीं किए जाने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।




