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ऋषिकेश। चेक बाउंस के मामले में ऋषिकेश न्यायालय ने एक महिला को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (जू.डि.) ऋषिकेश तान्या मिड्ढा की अदालत ने अभियुक्ता सीमा यादव को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी माना। अदालत ने अभियुक्ता को परिवादी के पक्ष में 3,58,675 रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश भी दिया है।
अदालत के आदेश के अनुसार प्रतिकर राशि में चेक की धनराशि के साथ 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी शामिल है। निर्धारित समयावधि में प्रतिकर राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्ता को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले में परिवादी गोपाल सिंह निवासी अमित ग्राम, गुमानीवाला, ऋषिकेश की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार पाण्डेय और कुलदीप सिंह रावत ने पैरवी की। परिवादी पक्ष के अनुसार, अभियुक्ता सीमा यादव ने अपनी देनदारी के एवज में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, श्यामपुर शाखा का 2.50 लाख रुपये का चेक जारी किया था।
चेक को बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने पर वह खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण अनादरित हो गया। इसके बाद परिवादी की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से अभियुक्ता को विधिक नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की गई, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में परिवाद दायर किया।
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से लेनदेन से इनकार करने के साथ चेक को सिक्योरिटी के तौर पर दिए जाने का तर्क रखा गया। वहीं, परिवादी पक्ष की ओर से बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य और विधिक नोटिस समेत अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि अभियुक्ता चेक और उस पर किए गए हस्ताक्षर से इनकार नहीं कर सकी। साथ ही, बचाव पक्ष अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्ता सीमा यादव को दोषी ठहराते हुए छह माह के साधारण कारावास तथा 3,58,675 रुपये प्रतिकर का आदेश सुनाया।




