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ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में बुधवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने परिजनों और आसपास के लोगों को हैरान कर दिया। गीता नगर गली नंबर-5 निवासी साईं राम जी के निधन की सूचना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी थीं। अंतिम यात्रा के लिए मुक्तिधाम ऋषिकेश का वाहन भी बुक कराया गया था और पंडित की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया था। अंतिम संस्कार का समय शाम करीब 4 बजे निर्धारित किया गया था।लेकिन अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले ही पूरा घटनाक्रम अचानक बदल गया।
समाजसेवी पंकज गुप्ता के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे साईं राम जी के पुत्र का फोन उनके पास आया और अंतिम यात्रा के लिए शव वाहन बुक करने को कहा गया। वाहन की व्यवस्था की जा रही थी, इसी दौरान कुछ देर बाद परिजनों ने फोन कर वाहन की बुकिंग रद्द करने को कहा।
जब पंकज गुप्ता ने इसका कारण पूछा तो परिजनों की ओर से जो जानकारी दी गई, उसने उन्हें भी हैरान कर दिया। परिजनों के अनुसार, साईं राम जी के शरीर को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर एंबुलेंस को अचानक जोरदार झटका लगा। परिजनों का दावा है कि झटका लगने के बाद साईं राम जी ने एंबुलेंस में ही आंखें खोल दीं।यह देखते ही परिजनों में अफरा-तफरी के साथ उम्मीद की एक नई किरण जगी। आनन-फानन में साईं राम जी को एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
जिस गड्ढे को लोग आफत कहते हैं, वही बना ‘संजीवनी’!
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू सड़क का वह गड्ढा और एंबुलेंस को लगा झटका है, जिसे परिजन अब जिंदगी से जोड़कर देख रहे हैं। जिन गड्ढों को लेकर अक्सर लोग सड़कों की बदहाली और दुर्घटनाओं का कारण बताते हैं, उसी सड़क पर लगे एक झटके के बाद साईं राम जी के आंखें खोलने का परिजनों ने दावा किया है।
हालांकि, साईं राम जी की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या है और उनकी ओर से आंखें खोलने की घटना चिकित्सकीय रूप से कैसे हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एम्स की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एक तरफ परिवार जहां अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था और अंतिम यात्रा के लिए वाहन तथा पंडित की व्यवस्था की जा रही थी, वहीं कुछ ही देर बाद आई इस खबर ने परिवार की उम्मीदों को पूरी तरह बदल दिया।अब सभी की नजरें एम्स से मिलने वाली आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी पर टिकी हैं।







