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ऋषिकेश। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं और बहनों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में दी जाने वाली निःशुल्क यात्रा सुविधा की अवधि बढ़ाने की मांग उठी है। नगर निगम ऋषिकेश के पार्षद अधिवक्ता अभिनव सिंह एवं पार्षद सरोजनी थपलियाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दो दिन के बजाय चार दिनों तक महिलाओं को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा देने की मांग की है।
पार्षद अधिवक्ता अभिनव सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बहनें अपने मायके पहुंचती हैं। उत्तराखंड की कई महिलाएं एवं बहनें रोजगार या अन्य कारणों से दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों में रहती हैं और रक्षाबंधन पर अपने घर लौटती हैं। ऐसे में यात्रा के लिए सीमित अवधि तक मिलने वाली निःशुल्क बस सेवा का लाभ हर महिला तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने कहा कि निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा चार दिनों तक किए जाने से महिलाओं को आवागमन में आर्थिक राहत मिलेगी। खासकर दूर-दराज क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से आने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि यह सुविधा केवल उत्तराखंड के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय बस सेवाओं पर भी लागू की जाए, ताकि प्रदेश से बाहर रहने वाली बहनें भी इसका लाभ उठा सकें।
पार्षद सरोजनी थपलियाल ने कहा कि रक्षाबंधन महिलाओं के लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। कई बहनों को लंबी दूरी तय कर अपने मायके पहुंचना पड़ता है। वर्तमान में निःशुल्क यात्रा की अवधि सीमित होने के कारण कई महिलाएं इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं उठा पातीं। उन्होंने कहा कि सरकार यदि चार दिनों तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराती है तो यह प्रदेश की महिलाओं के हित में एक बड़ा और राहत देने वाला कदम होगा।
सुधीर राय ने भी सरकार से चार दिनों तक निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों को अपने परिवार तक पहुंचने में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए सरकार को निःशुल्क यात्रा की अवधि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दूर-दराज अथवा दूसरे राज्यों में रहने वाली बहनों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर महिलाओं की सुविधा को प्राथमिकता देना सरकार की ओर से जनहित में सराहनीय पहल होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए चार दिन तक निःशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ अंतरराज्यीय मार्गों पर भी इसका लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपने मायके और परिवार तक पहुंच सकें।
इस अवसर पर अधिवक्ता आरती मित्तल, मयंक पाल, ममता रमोला, अखिल गुलियाल, गौतम राणा, रमेश रंगड़, आदित्य पुंडीर, शीशपाल पोखरियाल आदि मौजूद रहे।







