प्रतीकात्मक तस्वीर
Nitya Samachar UK

ऋषिकेश। वीरभद्र क्षेत्र में निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरने से अनुज की मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक के पिता की तहरीर पर भवन स्वामी, ठेकेदार और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।
श्यामपुर, हरिद्वार निवासी रघुवीर सिंह ने कोतवाली ऋषिकेश में दर्ज कराई तहरीर में बताया कि उनका 30 वर्षीय पुत्र अनुज 7 सितंबर 2025 को ठेकेदार रामप्रसाद के साथ मजदूरी करने के लिए वीरभद्र स्थित निर्माणाधीन भवन में गया था। भवन स्वामी निशांत मलिक के यहां चल रहे निर्माण कार्य में उसे अन्य मजदूरों के साथ लगाया गया।
आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इसके बावजूद अनुज से लगभग 20 फीट ऊंची खड़ी दीवार के बराबर गहरा गड्ढा खुदवाया गया। खुदाई के दौरान 7 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 3:30 बजे दीवार अचानक भरभराकर अनुज के ऊपर गिर गई और वह मलबे में दब गया।
तहरीर के अनुसार, हादसे के बाद भी जिम्मेदार लोगों ने तुरंत राहत कार्य नहीं कराया। अनुज करीब आधे से एक घंटे तक मलबे में दबा रहा। बाद में उसे जेसीबी मशीन की सहायता से बाहर निकालकर एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 11 सितंबर 2025 को सुबह करीब 10:15 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि भवन स्वामी, ठेकेदार और अन्य लोगों की लापरवाही तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण उनके पुत्र की जान गई। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर भवन स्वामी निशांत मलिक, ठेकेदार रामप्रसाद, अमित विश्वाह तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

