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देहरादून 31 अगस्त । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ ही गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को भी जन शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा और चारधाम यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और बेहतर प्रबंधन से श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
विधायक भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड के बुग्याल प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनसे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हुई हैं। उनका कहना था कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
जनप्रतिनिधियों ने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विकास कार्यों को सराहनीय बताते हुए विश्वास जताया कि स्थानीय हितों, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बेहतर समन्वय से रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
बैठक में सचिव विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे. सी. कांडपाल तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

