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ऋषिकेश। शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। बीते सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे IDPL क्षेत्र में 48 वर्षीय आनंद की एक आवारा सांड से टक्कर होने के बाद दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि नगर में आवारा पशुओं की समस्या और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि आनंद रात के समय अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर घूम रहे एक आवारा सांड से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें गंभीर चोटें आईं। उपचार के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।आनंद अपने पीछे तीन बेटियों को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही सामान्य बताई जा रही है। ऐसे में घर के मुखिया की असमय मौत से बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है। परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है और स्थानीय लोगों ने भी शोक व्यक्त किया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि IDPL सहित ऋषिकेश के कई इलाकों में लंबे समय से आवारा सांड और अन्य पशु सड़कों पर खुलेआम घूमते रहते हैं। कई बार इनके कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों की ओर से केवल औपचारिक कार्रवाई होती है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि इस मामले में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए और मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं तीनों बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकारी स्तर पर विशेष मदद प्रदान की जाए।
यह हादसा एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि आखिर कब तक आवारा पशु लोगों की जान लेते रहेंगे और जिम्मेदार विभाग केवल हादसों के बाद ही सक्रिय होते रहेंगे। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो शायद आनंद आज अपने परिवार के साथ होते।
IDPL चौकी इंचार्ज अमित कुमार ने बताया की कल रात आवारा जानवर से टकराकर आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनको उपचार के लिए ले जाया गया वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

