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ऋषिकेश:ऋषिकेश हरिद्वार रोड स्थित बाबा काली कमली धर्मशाला, रामनगर को आवंटित गोचर भूमि को लेकर अब उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड ने गंभीर रुख अपनाया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा ने उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश को पत्र भेजकर संबंधित भूमि के सभी राजस्व अभिलेख, आवंटन से जुड़े दस्तावेज तथा उस भूमि पर संचालित गतिविधियों की जानकारी 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
1 अगस्त 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि बोर्ड के संज्ञान में मामला आया है कि बाबा काली कमली धर्मशाला, रामनगर, ऋषिकेश को आवंटित भूमि गोचर श्रेणी की है, जिसका क्षेत्रफल सैकड़ों बीघा बताया गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि पर डेयरी सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली है, जबकि गोचर भूमि का मूल उद्देश्य गोवंश के संरक्षण और चराई के लिए होता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित भूमि वास्तव में राजस्व अभिलेखों में गोचर भूमि के रूप में दर्ज है, तो उस पर व्यावसायिक गतिविधियां किस आधार पर संचालित की जा रही हैं, इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि शहर में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जबकि गोचर भूमि का उपयोग उनके संरक्षण के लिए किया जाना चाहिए।
बोर्ड ने मांगी यह जानकारी
उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड ने उप जिलाधिकारी से निम्न बिंदुओं पर अभिलेख और जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है—
बाबा काली कमली धर्मशाला को आवंटित भूमि का पूरा विवरण, जिसमें खसरा संख्या, रकबा और राजस्व अभिलेखों में दर्ज स्थिति शामिल हो।
भूमि के आवंटन, पट्टे, लीज अथवा अन्य किसी आधार पर दिए गए अधिकारों से संबंधित सक्षम प्राधिकारी के आदेशों एवं अभिलेखों की सत्यापित प्रतियां।
यदि भूमि गोचर श्रेणी की है, तो उस पर डेयरी एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की अनुमति किस प्राधिकारी द्वारा और किस नियम अथवा आदेश के तहत दी गई।
इस मामले से जुड़े अन्य सभी प्रासंगिक दस्तावेज और तथ्यात्मक जानकारी।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मांगी गई सूचना 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव पशुपालन तथा जिलाधिकारी देहरादून को भी भेजी गई है। इससे स्पष्ट है कि मामला अब शासन स्तर पर भी संज्ञान में लाया गया है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि फिलहाल यह कार्रवाई शिकायतों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अभिलेख तलब करने तक सीमित है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

