Nitya Samachar UK

ऋषिकेश। चेक बाउंस (परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138) के एक मामले में ऋषिकेश की माननीय न्यायालय अपर सिविल जज (जू० डि०)/न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायिक अधिकारी तानिया मिड्डा ने आरोपी मो. अनवर अली, निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी, आईडीपीएल, वीरभद्र, ऋषिकेश को दोषी करार देते हुए तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को परिवादिनी को ₹50,034 प्रतिकर (क्षतिपूर्ति) अदा करने का भी आदेश दिया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी निर्णय की तिथि से दो माह के भीतर प्रतिकर राशि का भुगतान करेगा। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है तो उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
परिवादिनी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि लक्ष्मी देवी वर्मा, निवासी वीरपुर खुर्द, ऋषिकेश की आरोपी मो. अनवर अली से जान-पहचान थी। आरोपी ने अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता बताते हुए उनसे ₹30,000 उधार लिए थे। ऋण चुकाने के लिए आरोपी ने 15 फरवरी 2019 का ₹30,000 का चेक दिया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वह अनादरित (बाउंस) हो गया।
इसके बाद परिवादिनी ने आरोपी को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से न्यायालय में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत परिवाद दायर किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने मूल ₹30,000 की चेक राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़ते हुए कुल ₹50,034 परिवादिनी को प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश पारित किया।

