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ऋषिकेश। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 स्थित साईं विहार कॉलोनी में इन दिनों गंदे पानी की समस्या ने स्थानीय लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। कॉलोनी में कृषि उत्पादन मंडी समिति की ओर से करीब दो से तीन स्थानों से लगातार गंदा, बदबूदार और कीचड़युक्त पानी बहकर सड़क पर आ रहा है। निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह पानी पूरी सड़क पर फैल रहा है, जिससे कॉलोनी की मुख्य सड़क दलदल में तब्दील हो गई है।
स्थानीय निवासी नवनीत गोयल का कहना है कि यह समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब हालात और भी गंभीर हो गए हैं। सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। सुबह-शाम स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरी और काम पर निकलने वाले लोगों के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई जगह सड़क फिसलन भरी हो गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है।
गंदे पानी से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खिड़की और दरवाजे खोलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है, क्योंकि पानी का बहाव बढ़ने से पूरी सड़क कीचड़ और गंदगी से भर जाती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बरसात के मौसम में यह स्थिति डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ा रही है। लोगों को डर है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए केवल औपचारिक आश्वासन दिए गए, जबकि मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, नगर निगम और कृषि उत्पादन मंडी समिति से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर गंदे पानी के स्रोत को बंद कराया जाए तथा ड्रेनेज व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए। साथ ही सड़क पर फैली गंदगी और कीचड़ की सफाई कर नियमित सैनिटाइजेशन एवं फॉगिंग कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और संक्रामक बीमारियों का खतरा कम हो।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।

