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ऋषिकेश। चेक बाउंस के एक मामले में अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास और 7.89 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
परिवादी के अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि अदालत ने 29 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में उदित नागलिया, पुत्र नवीन नागलिया, निवासी शिमला बाईपास मार्ग, जिला देहरादून को दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को छह माह के कारावास की सजा सुनाने के साथ ही छह लाख रुपये की मूल धनराशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 7.89 लाख रुपये दो माह के भीतर परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता के अनुसार, भलेंद्र सिंह चौधरी, पुत्र सोहनवीर सिंह चौधरी, निवासी मां गंगा वाटिका, ऋषिकेश की पहचान उदित नागलिया से थी। वर्ष 2022 में उदित नागलिया ने एक माह के लिए छह लाख रुपये उधार लिए थे। तय समय पूरा होने पर उसने भुगतान के लिए छह लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद आरोपी ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। इस पर भलेंद्र सिंह चौधरी ने अपने अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास की सजा सुनाई तथा 7.89 लाख रुपये दो माह के भीतर परिवादी को भुगतान करने का आदेश दिया। जुर्माने की राशि निर्धारित समय में अदा न करने पर आरोपी को कानून के अनुसार अतिरिक्त दंड का भी सामना करना पड़ सकता है



