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ऋषिकेश। उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जनपद टिहरी गढ़वाल के तोताघाटी क्षेत्र के समीप बद्रीनाथ से ऋषिकेश की ओर आ रही यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। राहत की बात यह रही कि बस गहरी खाई में गिरने से बच गई, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।बस में सवार सभी 39 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 08:30 बजे चारधाम यात्रा से लौट रही बस तोताघाटी के पास पहुंची थी। इसी दौरान बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन बस असंतुलित होकर सड़क पर ही पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को तत्काल सूचित किया गया। सूचना प्राप्त होते ही निरीक्षक कवीन्द्र सजवान के नेतृत्व में एसडीआरएफ ढालवाला और ब्यासी की रेस्क्यू टीमें आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ जवानों ने स्थानीय प्रशासन और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी स्थिति का आकलन किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दुर्घटना में 3 से 4 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं।
घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से ऋषिकेश स्थित अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
एसडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि बस में कुल 39 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। वहीं पुलिस और परिवहन विभाग की टीम दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुट गई है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह बस के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है।
चारधाम यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी मार्गों से आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच की आवश्यकता को रेखांकित किया है। हालांकि समय रहते चालक की सूझबूझ और राहत दलों की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान बच गई।
एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तत्परता के कारण राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा किया गया, जिससे स्थिति को जल्द नियंत्रण में लाया जा सका।



