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ऋषिकेश:सोमवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। रेलवे यार्ड क्षेत्र में शंटिंग के दौरान एक ट्रेन अनियंत्रित होकर ट्रैक पर तेज़ी से दौड़ पड़ी और आगे जाकर पटरी से उतरते हुए दीवार से टकरा गई। हादसे के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि घटना के समय ट्रेन में यात्री मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन अचानक तेज़ गति से आगे बढ़ी और कुछ दूरी पर जाकर पटरी छोड़ दी। इसके बाद डिब्बे झटके के साथ एक दीवार से जा टकराए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के दौरान जोरदार आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। मौके पर रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल क्षेत्र को खाली कराया और ट्रैक पर आवाजाही रोक दी गई।
सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह शंटिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही मानी जा रही है। हालांकि रेलवे अधिकारी फिलहाल खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच की जा रही है और तकनीकी टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है।
घटना के बाद रेलवे ट्रैक और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया गया। रेलवे प्रशासन ने राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस मामले में जब मुरादाबाद डीआरएम से बात की गई तो उन्होंने मीटिंग में कहकर फोन काट दिया वहीं ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के SS ने दो घंटे बाद भी रास्ते में रहने की बात कही. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऋषिकेश हादसे के बाद रेलवे के अधिकारी कितने जिम्मेदार दिखाई दिए.



