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- छात्राओं ने किया गीता के श्लोकों का पाठ, मिलीं 30 साइकिलें।
- ग्रुप कैप्टन सम्पूर्ण गहलौत ने छात्रों को दी संस्कृत और संस्कारों की सीख।
ऋषिकेश। स्वामी दयानंद सरस्वती स्कूल, ऋषिकेश में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का वार्षिक पुरस्कार वितरण एवं साइकिल वितरण समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के साथ-साथ ‘शम्यप्रास’ संस्था के सहयोग से छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
अतिथियों का स्वागत एवं दीप प्रज्वलन: समारोह का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सौरभ अग्रवाल द्वारा मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन सम्पूर्ण गहलौत (संयोजक शम्यप्रास), स्वामी वासुदेव दास (अध्यक्ष शम्यप्रास), आचार्य विनायक भट्ट (प्रधानाचार्य, बिड़ला स्वर्ग आश्रम गुरुकुल) और डॉ. मनोज डबराल के भव्य स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर स्वामी परब्रह्मानंद, स्वामी श्रद्धानंद और आश्रम प्रबंधक गुणानंद रयाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मेधावियों का सम्मान: शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर नवाजा गया। विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन पर जोर देते हुए उन छात्रों को भी पुरस्कृत किया, जिनकी उपस्थिति सत्र में शत-प्रतिशत रही।
गीता पाठ और साइकिल वितरण: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं को 30 साइकिलों का वितरण रहा। ये साइकिलें ‘शम्यप्रास’ संस्था द्वारा प्रदान की गईं। साइकिल प्राप्त करने वाली छात्राओं ने श्रीमद्भगवद्गीता के 12वें और 15वें अध्याय के श्लोकों का पाठ कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतारेंगी।
मुख्य अतिथि का संदेश: अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ग्रुप कैप्टन (से.नि.) सम्पूर्ण गहलौत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए संस्कृत भाषा और गीता का ज्ञान एक मजबूत आधार प्रदान करता है। प्रधानाचार्य सौरभ अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की सीख दी।
आभार प्रदर्शन: कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक अधिकारी जे.एस. चौहान ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विशेष रूप से ‘शम्यप्रास’ संस्था का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।



