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ऋषिकेश। ऋषिकेश के आवास विकास क्षेत्र में फुटपाथ पर कथित अवैध दुकानों के निर्माण और अतिक्रमण का मामला गरमा गया है। आम जनता के पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ पर पक्की दुकानों के निर्माण का आरोप लगाते हुए यूथ कांग्रेस और NSUI ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों एवं छात्र नेताओं ने मुख्य नगर आयुक्त (MNA) को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आवास विकास क्षेत्र में फुटपाथ की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि मौके पर दुकानों का पक्का निर्माण कर लेंटर तक डाला जा चुका है। इतना ही नहीं, दुकानों में बिजली के मीटर भी लगाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यूथ कांग्रेस एवं NSUI के नेताओं का कहना है कि फुटपाथ आम नागरिकों और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन यदि सार्वजनिक रास्तों पर ही कब्जे होने लगेंगे तो राहगीरों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ेगा। इससे दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
संगठन ने नगर निगम प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण की वैधता और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच करने, नियम विरुद्ध निर्माण होने पर तत्काल काम रुकवाने तथा फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। साथ ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में महानगर अध्यक्ष यूथ कांग्रेस हिमांशु कश्यप, छात्र संघ महासचिव रेहान बंदोलिया, NSUI अध्यक्ष गौरव जोशी, छात्र नेता उदित झा, शिवानी नेगी, सृष्टि रमोला, ज्योति, कशिश, वेदांग, अतुल, सुंदर और अर्पित सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि सार्वजनिक फुटपाथ पर निर्माण को लेकर उठे सवालों पर नगर निगम प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और आम जनता के पैदल आवागमन के लिए फुटपाथ कब तक अतिक्रमण मुक्त हो पाते हैं।




