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ऋषिकेश, 27 जुलाई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ऋषिकेश ने योगीराज निर्वाण देव द्वारा दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए थाना कोतवाली ऋषिकेश को आरोपियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने अभिलेखों एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के प्रथम दृष्टया परीक्षण के बाद यह आदेश पारित किया।
प्रकरण में वादी का आरोप है कि आरोपियों ने विश्वास का दुरुपयोग करते हुए छलपूर्वक उनकी संपत्ति का विक्रय कराया, बैंक लेन-देन में अनियमितताएँ कीं तथा कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर उन्हें आर्थिक एवं संपत्ति संबंधी नुकसान पहुँचाया। न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक अभिलेखों तथा अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला पाया और थाना कोतवाली ऋषिकेश को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का निर्देश दिया।
वादी के अधिवक्ता शुबहम राठी ने बताया कि न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों पर विचार करने के बाद पाया कि मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने थाना कोतवाली ऋषिकेश को आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधि के अनुसार विवेचना करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता राठी ने कहा कि वादी को अब न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष जांच की उम्मीद है तथा सत्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

