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ऋषिकेश। इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले में देहरादून मैक्स (MAX) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और एक डॉक्टर को 10 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। यह आदेश राज्य उपभोक्ता आयोग ने दिए हैं।
हरिधाम कॉलोनी, ऋषिकेश निवासी शकुंतला देवी की 14 अप्रैल 2014 को देहरादून के मैक्स अस्पताल में सर्जरी होनी थी। मृतक के बेटे संदीप गुप्ता के मुताबिक सर्जरी से पहले कार्डियक क्लीयरेंस के लिए, उन्हें डोबुटामाइन स्ट्रेस इको (डीएसई) टेस्ट कराने की सलाह दी गई थी। 12 अप्रैल को डॉ. अमित राणा ने यह टेस्ट किया तो उनकी मां को कार्डियक अरेस्ट हो गया।
इसके बाद, शकुंतला देवी कोमा में चली गई और 13 मई 2014 को उनका निधन हो गया। संदीप गुप्ता ने अस्पताल, डॉ. अमित, राणा, डॉ एके सिंह, डॉ प्रीति शर्मा, डॉ पुनीश सडाना के खिलाफ आयोग में इलाज में लापरवाही का वाद दायर किया था। आयोग ने अस्पताल और डॉ. राणा को लापरवाही का दोषी मानते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा और मुकदमा खर्च देने के आदेश दिए।
संदीप गुप्ता का कहना है कि वैसे तो डॉक्टर भगवान होते हैं लेकिन कई डॉक्टरों के लापरवाही के कारण मरीजों की जान चली जाती है। डॉक्टर के ऊंची पहुंच होने के कारण लापरवाही होने पर भी उनके खिलाफ पीड़ित आवाज नहीं उठा पाते हैं। अगर कोई चिकित्सक लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। ताकि वह चिकित्सक आगे कोई लापरवाही न कर पाए।







