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ऋषिकेश:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन के विजन और प्रदेश में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के निर्देशों के क्रम में जनपद टिहरी गढ़वाल में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पुनर्वास प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और गलत तरीके से भूखंड आवंटन कराने के मामले में डीएम नितिका खण्डेलवाल के कड़े रुख के बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामला जनपद देहरादून के विकासखण्ड डोईवाला और ऋषिकेश के निकट ग्राम पंचायत सिंराई और खदरी खड़कमाफ से जुड़ा है। यहां के ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य द्वारा पुनर्वास निदेशालय में एक शिकायती पत्र सौंपा गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पुनर्वास स्थल निर्मल ब्लॉक ए और बी के अलावा आमबाग में कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर भूखंडों का आवंटन कराया गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीएम व पुनर्वास निदेशक नितिका खण्डेलवाल ने अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया था। समिति की विस्तृत जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास विभाग ने पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद 31 जनवरी 2026 को कोतवाली नई टिहरी में तीन सगे भाइयों, सुरेश सिंह, नरेश सिंह, खेम सिंह और सुशीला देवी के अलावा अन्य अज्ञातों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया।
डीएम ने बताया कि पुनर्वास विभाग दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। बता दें कि इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और गलत तरीके से सरकारी लाभ लेने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है। ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
आपको बता दें कि इस मामले में करीब दो महीने पहले विस्थापित कॉलोनी के लोगों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था और भूमि आवंटन को लेकर कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में शिकायत के बाद अब बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है।










