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ऋषिकेश। चेक बाउंस के मामले में ऋषिकेश न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को तीन माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 1 लाख 60 हजार 750 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का आदेश दिया है। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (जू० डि०) ऋषिकेश की न्यायाधीश तान्या मिड्डा ने 31 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। दोषी पंकज कुमार पुत्र चन्दू लाल, निवासी गली नंबर 12, बापूग्राम, ऋषिकेश को परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया गया।
परिवादिनी के अधिवक्ता शुभम राठी के अनुसार, बापूग्राम निवासी मुन्नी देवी पत्नी यादराम की अभियुक्त पंकज कुमार से जान-पहचान थी। इसी परिचय के आधार पर पंकज कुमार ने अपनी व्यक्तिगत जरूरत बताते हुए मुन्नी देवी से एक लाख रुपये उधार लिए थे। रकम वापस करने के लिए अभियुक्त ने भारतीय स्टेट बैंक की वीरभद्र शाखा का 15 फरवरी 2020 की तारीख वाला एक लाख रुपये का चेक दिया था।
जब मुन्नी देवी ने चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाया तो वह अनादरित हो गया। इसके बाद परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से अभियुक्त को कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित समय के भीतर भी रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पीड़िता ने अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया।
बचाव में 25 हजार रुपये उधार लेने का किया था दावा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उसने मुन्नी देवी से केवल 25 हजार रुपये उधार लिए थे और एक लाख रुपये का चेक सुरक्षा के तौर पर हस्ताक्षर करके दिया था। उसने 15 हजार रुपये वापस करने का दावा भी किया, लेकिन अपने पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों और सर्वोच्च न्यायालय के विधिक सिद्धांतों का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त को दोषी करार दिया।
9 प्रतिशत ब्याज के साथ देनी होगी क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने एक लाख रुपये की मूल चेक राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की गणना करते हुए कुल 1,60,750 रुपये की क्षतिपूर्ति मुन्नी देवी को देने का आदेश दिया है। अभियुक्त को निर्णय की तारीख से दो माह के भीतर यह रकम जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।












