






Nitya Samachar UK
ऋषिकेश:वर्ष 2016 में तत्कालीन कर एव राजस्व अधीक्षक नगर पालिका ऋषिकेश निशांत अंसारी द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी की तत्कालीन सभासद विकास तेवतिया,कविता शाह, अनीता बहल द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुये दिनाक 9-09-2016 को भवन कर कार्यालय में अपना निजी ताला लगाकर कार्यालय बंद कर दिया गया जो की दिनाक 12-09-2016 तक लगा रहा और जब तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा ताला खुलवाने का प्रयास किया तो उक्त सभासदों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष के साथ मारपीट की गई तथा सरकारी कार्य मे बाधा पहुचाई गयी । जिस पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जांच की तथा उसके बाद मुकदमा सिविल जज/ न्यायिक मजिस्ट्रेट , ऋषिकेश के न्यायालय में विचाराधीन रहा ।
अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता शुभम राठी, मुकेश शर्मा व लक्षित खरोला द्वारा कोर्ट पैरवी की गई ।9 साल पुराने इस मामले में अभियोजन द्वारा कुल दस गवाह पेश किए गए जिनसे बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा जिरह की गई व न्यायालय में बहस की गई ।
कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश किए गए गवाहो की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे तथा कोई भी गवाह बचाव पक्ष के अधिवक्ता के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नही दे सका तथा गवाहों ने घटना का समर्थन अपनी गवाही में नही किया तथा अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा तथा यह भी साबित नही हुआ कि अभियुक्तगण द्वारा ऐसा कोई अपराध किया गया हो।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट , ऋषिकेश जिला देहरादून द्वारा सभी आरोपी सभासदों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.
दोस्त मुक्त होने पर तत्कालीन सभासद विकास तेवतिया ने बताया कि मुझे गलत तरीके से झूठे केस में फसाने की कोशिश आज नाकाम साबित हुई है लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार सत्य की जीत हुई है, उन्होंने कहा कि मैं एक सभासद था और अपनी जनता के लिए लड़ रहा था मैं किसी भी तरह का अपराध नहीं किया था ना ही सरकारी कार्य में कोई बाधा पहुंचाई थी.










