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ऋषिकेश:मधुबन आश्रम मंदिर ऋषिकेश इस्कॉन ट्रस्ट से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा 14 अगस्त 2019 को एक रिपोर्ट दर्ज करवाई गई जिसमे उसने बताया कि वह लंबे समय से इस्कॉन ट्रस्ट से जुड़ा है तथा वह ऋषिकेश स्थित मधुबन आश्रम मंदिर में आया तो उसने देखा मधुबन आश्रम में कुछ व्यक्तियों प्रेम प्रकाश , हर्ष , सुनील , ओम प्रकाश , राजू बजाज आदि द्वारा पैसे का गबन किया जा रहा है और आश्रम को प्राप्त होने वाली दान व अन्य राशि को ट्रस्ट के बैंक खातों में न जमा कर अपने व्यक्तिगत खातों में जमा की जा रही है और इस प्रकार आश्रम में रहते हुए करोड़ों का गबन किया गया है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना की गई तथा उसके बाद मुकदमा न्यायालय न्यायिक मैजिस्ट्रेट,नरेंद्र नगर श्रेय गुप्ता के न्यायालय में विचाराधीन रहा ।
अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता अभिषेक प्रभाकर और अधिवक्ता शुभम राठी द्वारा कोर्ट पैरवी की गई । 6 साल पुराने इस मामले में अभियोजन द्वारा कुल आठ गवाह पेश किए गए जिनसे अधिवक्ता शुभम राठी व अभिषेक प्रभाकर द्वारा जिरह की गई ।
कोर्ट ने पाया कि मामले में पेश किए गए गवाहो की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे तथा अभियोजन द्वारा वाद में प्रस्तुत साक्षी तथा साक्ष्य से किसी भी तरह से ये साबित नहीं होता कि अभियुक्तों द्वारा आश्रम में किसी प्रकार का कोई गबन किया गया हो । साथ ही आश्रम में लगातार होते रहे वार्षिक आडिट में आडिटकर्ता द्वारा भी आश्रम में किसी प्रकार के गबन होने से इनकार किया तथा सभी दस्तावेज आदि सही पाए गए । साथ ही मामले में पुलिस द्वारा अभियुक्तगणों से कोई भी बरामदगी नहीं की गई तथा अभियोजन अपना मामला संदेह से परे साबित करने में असफल रहा ।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद माननीय न्यायालय न्यायिक मैजिस्ट्रेट,नरेंद्र नगर जिला टिहरी गढ़वाल द्वारा सभी आरोपियों को अपराध साबित न होने पर बरी कर दिया ।




