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ऋषिकेश:बापूग्राम, 20 बीघा,मीरा नगर,मनसा देवी, गुर्जर प्लॉट,रूसा फार्म के लोग अपनी काबिज भूमि को हाथ से जाते देख लोग अब हद से ज्यादा गुस्सा गए हैं। आक्रोशित लोगों ने सड़क तो छोड़ अब रेल मार्ग को भी जाम करना शुरू कर दिया है। मनसा देवी रेलवे फाटक पर सैकड़ो की संख्या में लोग एकत्रित होकर ट्रैक पर बैठ गए हैं। जिसमें महिलाएं सबसे ज्यादा शामिल है। लोगों का कहना है कि जान जाए पर भूमि हाथ से न जाए।
लोगों ने प्रदर्शन करते हुए वन विभाग की कार्रवाई का विरोध किया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। जो लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर समझने का प्रयास कर रहा है। लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है। स्थिति गंभीर बनी हुई है। लोग अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। इस वजह से कोच्चिवली से आने वाली और योग नगरी स्टेशन से जाने वाली गंगानगर एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे से ट्रैक पर रुकी हुई है। जिससे मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों ट्रेन की वजह से अन्य ट्रेनों के संचालक पर भी असर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। बता दें कि एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वन विभाग की खाली पड़ी भूमि का सर्वे कर उन्हें कब्जे में लेने के आदेश वन विभाग और जिला कलेक्टर को जारी किए हैं। इसी कड़ी में वन विभाग की कार्रवाई खाली पड़ी वन भूमि पर चल रही है। जिसका लोग विरोध कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऋषिकेश के आसपास के इलाकों में वन भूमि पर हो रही चिन्हीकरण की कार्रवाई को लेकर भयभीत लोगों की बैठक हुई। यह बैठक शिवाजी नगर में की गई। जिसमें पार्षद सुरेंद्र सिंह नेगी, अभिनव सिंह मलिक के नेतृत्व में सैकड़ो लोग शामिल हुए। लोगों ने बैठक में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर अपने-अपने विचार रखे। पार्षदों ने बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर है और खाली भूमि को चिन्हित करने की है। इसमें अभी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। 5 जनवरी को मामले में दूसरी सुनवाई होनी है। जिसका सभी को इंतजार है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जरूरत पड़ने पर एक कमेटी का गठन किया जाएगा। जो सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष भी रखेगा। इसके अलावा जल्दी ही एक विशाल जनसभा आयोजित कर मुख्यमंत्री और वन मंत्री को जन संवाद के लिए आमंत्रित किया जाएगा। फिलहाल लोगों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल विशेष सत्र बुलाकर वन भूमि पर काबिज क्षेत्र को विशेष कानून के तहत हक देने की मांग की है।




